मदरसों में दीनी तालीम के साथ आधुनिक शिक्षा भी जरूरी – मुख्यमंत्री श्री चौहान

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मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मदरसों के अधोसंरचना विकास के लिये प्रत्येक मदरसे को मिलने वाली सालाना राशि 25 हजार रूपये से बढाकर 50 हजार कर दी जाएगी। म.प्र. मदरसा बोर्ड के लिये आडिटोरियम भी बनाया जाएगा। श्री चौहान आज यहां मदरसा बोर्ड के 20वें स्थापना दिवस और एक दिवसीय मदरसा शिक्षा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

श्री चौहान ने कहा कि दीनी तालीम के साथ-साथ मदरसों में आधुनिक शिक्षा भी दी जाए। आधुनिक समय में बच्चों को हुनरमंद बनाना जरूरी है। एक ओर बेरोजगारी है और दूसरी ओर हुनरमंद लोग नहीं मिलते। इस स्थिति को दूर करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को दीनी और आधुनिक शिक्षा साथ-साथ देते हुए उन्हें अच्छा इन्सान बनाना होगा। श्री चौहान ने बताया कि सरकार ने बच्चों की शिक्षा में किसी प्रकार का भेदभाव नही होने दिया है। सबके लिये योजनाएं हैं। विद्यार्थी ईश्वर का उत्कृष्ट उपहार हैं। इनके लिये बेहतर से बेहतर करने की जिम्मेदारी सरकार की है। उन्होने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों में ज्ञान का हस्तांतरण करना, उन्हें हुनरमंद बनाना और अच्छे नागरिक संस्कार देना है। श्री चौहान ने कहा कि सब मिलकर राष्ट्र की सेवा करें।

स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि मदरसा कक्षाओं में पहली कक्षा से ही कम्प्यूटर शिक्षा दी जा रही है। उन्होंने बताया कि अन्य स्कूलों की तरह मदरसों में भी हर दिन तिरंगा फहराया जाएगा। उन्होने मदरसा बोर्ड में आधुनिक शिक्षा देने में हुई प्रगति की सराहना की। समारोह में मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष प्रो सैयद इमादुददीन ने बताया कि अब तक 2575 मदरसों का पंजीयन हुआ है जिनमें दो लाख 88 हजार बच्चे पढाई कर रहे हैं।

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