ब्लैक होल

अमेरिकी खगोलविज्ञानियों बैरी बैरिश, किप थोर्ने तथा रेनर वेस को गुरत्व तरंगों की खोज के लिए बुधवार इस साल का भौतिकविज्ञान का नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा की गयी है। उनकी यह खोज गहन ब्रह्माण्ड के दरवाजे खोलती है। अलबर्ट आइंस्टीन ने करीब एक सदी पहले अपनी सापेक्षता के सामान्य सिद्धांत के तहत गुरुत्व तरंगों का अनुमान लगाया था, लेकिन 2015 में ही इस बात का पता लगा कि ये तरंगे अंतरिक्ष-समय में विद्यमान हैं। ब्लैक होल के टकराने या तारों के केंद्र के विखंडन से यह प्रक्रिया होती है।

वैज्ञानिकों पर एक नजर

1) रायनर वीस : वीस का जन्म 1932 में जर्मनी के बर्लिन में हुआ। 1962 में उन्होंने कैंब्रिज के मैसाच्युसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी से पीएचडी की। वे इसी इंस्टिट्यूट में प्रफेसर हैं।

2) बैरी सी बैरिश : बैरिश का जन्म 1936 में अमेरिका के ओमाहा में हुआ। 1962 में उन्होंने बर्कले की कैलिफर्निया यूनिवर्सिटी से पीएचडी की। पासादेना की कैलिफर्निया इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी में वे फिजिक्स के प्रफेसर हैं।

3) किप एस. थॉर्न : थॉर्न का जन्म 1940 में अमेरिका के लोगन में हुआ। उन्होंने 1965 में अमेरिका की प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी से पीएचडी की। वे पासादेना की कैलिफर्निया इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी में थेयोरेटिकल फिजिक्स के प्रफेसर हैं।

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